Tb ki bimari me kya khaye kya nahi khaye

टीबी जिसका पूरा नाम ट्यूबरक्यूलोसिस है इसे तपेदिक क्षय रोग या यक्ष्मा या एमटीबी के नाम से भी जाना जाता है। यह एक खतरनाक संक्रामक बीमारी है । जो कि Mycobacterium Tuberculosis नाम के बैक्टीरिया से होता है। यह ऐसी संक्रामक बीमारी है जो कि सबसे ज्यादा मानव शरीर के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है। यह संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खाँसने से फैलता है। टीबी के मरीज को अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि दवाइयों के साथ अच्छा भोजन हमे किसी भी बीमारी से लड़ने में बहुत ज्यादा मदद करता है। इस पोस्ट में हम tb ki bimari me kya khaye kya nahi khaye इस पर चर्चा करेंगे।

आइये सबसे पहले बात करते है टीबी में क्या खाएं


tb ki bimari me kya khaye

1. करेला - करेला एक पौष्टिक सब्जी है हालांकि यह खाने में कड़वा होता है किंतु इसके अपार फायदे हैं इसकी सब्जी या रस निकालकर नियमित सेवन करना टीबी की बीमारी में लाभदायक होता है। 

टीबी में क्या खाना चाहिए
Tb me karela khane ke fayde



2. पालक- पालक का प्रतिदिन सेवन करना टीबी के मरीज़ के लिए बेहद लाभकारी होता है। पालक रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है। खांसी, फेफड़े तथा सीने में होने वाली जलन में पालक का सूप आराम पहुँचाता है।

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3.अंडा-  टीबी की बीमारी में अंडे का सेवन करना चाहिए, क्योंकि टीबी के मरीज़ को भूख कम लगती है, इसलिए उन्हें ऐसे आहार की आवश्यकता होती है, जो कि प्रोटीन व एनर्जी से भरपूर हो। अंडा ऐसा ही आहार है तथा यह पचता भी आसानी से है।


4. साबुत अनाज - साबुत अनाज यानि दाल, चावल,सूजी, जौ आदि को नियमित रूप से खाएं। इनसे शरीर को पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है एवं पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है।


5. चिया सीड्स- टीबी के रोगी को प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम आदि प्रतिदिन लेना आवश्यक होता है, चिया सीड्स में ये सभी न्यूट्रिशन्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए टीबी रोगी को किसी न किसी रूप में चिया सीड्स देते रहें।

टीबी में क्या खाना चाहिए
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6. शकरकंद- शकरकंद में प्रचुर मात्रा में विटामिन A होता है, जो कि टीबी के मरीज़ों के लिए ज़रूरी होता है। इसके अलावा विटामिन A से भरपूर अन्य सब्जियां जैसे गाजर, टमाटर, ब्रोकली एवं फल जैसे आम, पपीता इत्यादि का सेवन करते रहना चाहिए।


7. हरी सब्ज़ियाँ- टीबी के रोगियों को अपने आहार में प्रतिदिन हरी पत्तेदार एवं फली वाली सब्ज़ियों को शामिल करना चाहिए। जैसे पालक, मटर, फूलगोभी , खीरा, लौकी आदि।


8. दूध- टीबी के मरीज़ को रोज़ाना दूध का सेवन करना चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि वह टोंड मिल्क ही हो। एक गिलास टोंड मिल्क में सामान्यतः 120 कैलोरी होती है। यदि बादाम युक्त दूध दिया जाए ,तो मरीज़ को स्वास्थ्य लाभ जल्द होने की संभावना अधिक हो जाती है।


9.खिचड़ी:- खिचड़ी जो कि बीमारी आने पर मरीज को सबसे पहले खिलाई जाती है,एक बहुत ही पौष्टिक आहार है।खिचड़ी दाल, चावल, और उस सीजन में उपलब्ध होने वाली सब्जियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, एवं बहुत सारे न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है।


10. ओमेगा 3- ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर भोज्य पदार्थों का प्रयोग भी टीबी के रोगियों के लिए आवश्यक होता है। जिसमें Salmon मछली, ड्राई फ्रूट्स, अलसी, चिया सीड्स आदि शामिल हैं।


11. पनीर एवं सोया-  सोयाबीन और पनीर दोनों ही प्रोटीन का भरपूर स्रोत होने के साथ साथ जल्दी पचने वाले खाद्य पदार्थ हैं। सोयाबीन से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इसलिए ये दोनों किसी न किसी रूप में रेगुलर टीबी मरीज़ को दिये जाने चाहिए।


12. नारियल पानी- कच्चे नारियल में भरपूर पानी होता है , जो कि विभिन्न प्रकार के खनिज पदार्थ एवं विटामिन का स्रोत होता है। टीबी मरीज़ों के लिए यह नारियल पानी बहुत फायदेमंद है।


13. ग्रीन टी- ग्रीन टी मानव शरीर से विषैले चीजों को आसानी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसका सेवन टीबी के रोगियों को अवश्य करना चाहिए। चाय, कॉफी एवं ऐसे पेय पदार्थ जिनमें कैफीन पाया जाता है, उनका सेवन न करें तो बेहतर है।

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14. ज़ैतून तेल- टीबी के मरीज़ों के लिए ज़्यादा तेल मसाले वाला खाना वर्जित होता है, तेल ,डालडा, मक्खन इत्यादि में फैट बहुतायत मात्रा में होता है, इनके स्थान पर आप ज़ैतून के तेल से बना हुआ खाना खाएं । यदि ज़ैतून तेल उपलब्ध न हो, तो इसके बदले शुध्द घी का भी प्रयोग किया जा सकता है।


15. सूर्य का प्रकाश एवं ताज़ी हवा - बीमारी चाहे जो भी हो, रोगी के स्वास्थ्य लाभ के लिए सुबह शाम की शुध्द हवा आवश्यक होती है। यह ऑक्सिजन युक्त हवा फेफड़ों के लिए फायदेमंद होती है। इसी तरह धूप में विटामिन D प्रचुर मात्रा में होता है, जो कि टीबी के रोगियों के लिए ज़रूरी होता है। सुबह कि धूप एवं हवा अवश्य लें, इससे आपको जल्दी आराम होगा। टीबी मरीज़ों को ऐसे कमरे में रखना बेहतर है, जहाँ धूप एवं हवा पर्याप्त मात्रा में आती हो।


इन सबके अलावा शरीफा, बेरी, लहसुन, सूखे मेवे, टोफू, खिचड़ी इत्यादि ऐसे आहार लेना चाहिए, जो कि जल्दी पचने वाले हों और शरीर को ताकत भी प्रदान करें, क्योंकि टीबी की बीमारी में रोगी का शरीर बहुत कमज़ोर हो जाता है। इसलिए प्रोटीन , विटामिन से भरपूर भोजन लें।


टीबी में क्या नही खाना चाहिए tb me kya nahi khana chahiye


टीबी की दवाइयों के सेवन से हो सकता है कि मरीज़ को भूख कम लगे या न लगे, किन्तु खाना खाएं ज़रूर । टीबी मरीज़ों के लिए ऐसा आहार होना चाहिए, जो कि हल्का हो एवं पचने में आसान हो। अल्कोहल, शराब, सिगरेट, तंबाकू आदि नशीली चीज़ों के सेवन से दूर रहें। ज़्यादा प्याज़, रेड मीट, कॉफी, अत्यधिक चिकनाई वाले खाने, रिफाइंड शुगर से भी परहेज करें।

इस तरह से इस पोस्ट में हमने टीबी में क्या खाएं क्या नही (tb ki bimari me kya khaye kya nahi)से जुड़े आपके सवाल का जवाब देने का प्रयास किया। किसी भी तरह की डाइट को फॉलो करने से पूर्व अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य ले क्योकि कई भोजन कुछ लोगो के लिए एलर्जिक होते है। आपका स्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोपरि है क्योंकि जब आप स्वस्थ्य रहेंगे तभी तो कहेंगे bye bye bimari

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