स्वस्थ और रोगमुक्त के बीच का अंतर difference between healthy & disease free

1. introduction :- 

आज के दौर में हरेक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति इतना जागरूक हो गया है कि हर छोटी से छोटी बातों का बारीकी से ख्याल रख रहा है। ऐसे में बात चाहे स्वस्थ खानपान की हो या अच्छे कपड़े की या किसी भी तरह के बीमारी के प्रति जागरूकता की हो, हर कोई इन सभी की पूरी जानकारी रखने की कोशिश कर रहा है। आज के इस पोस्ट में bye bye bimari आपके साथ जिस बात पर चर्चा करने जा रहा है वह है "स्वस्थ और रोगमुक्त के बीच का अंतर" (difference between healthy and disease free) इसमे हम बात करेंगे कि स्वस्थ होना क्या होता है और साथ ही किस प्रकार हम रोगमुक्त रह सकते है। यहाँ हम यह भी बात करेंगे कि क्या स्वस्थ व्यक्ति रोगमुक्त होता है और क्या रोगमुक्त हो पाना सम्भव है? इन सब पर बात करने से पहले देखते है कि हेल्थ क्या है ?

difference between healthy & disease free essay in hindi


2. What is health

आज के दौर में हेल्थ का यह तात्पर्य निकाला जाता है कि यह स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है लेकिन यदि इसका वैश्विक और सामाजिक अर्थ की बात करेंगे तो इसका कुछ अलग ही मतलब है और वह है कि, स्वास्थ्य किसी भी इंसान की शारीरिक,मानसिक और सामाजिक कल्याण के प्रति उसकी स्थिति को दर्शाता है। स्वस्थ व्यक्ति अपने शरीर के विकास के साथ साथ स्वस्थ मन का भी प्रतीक होता है और इन स्वस्थ शरीर और मन के साथ वह समाज के लिए कल्याणकारी कार्य करता है जिससे अन्य लोगो के स्वास्थ्य पर भी इसका अनुकूल असर पड़ता है।


3.How to keep your body healthy

यदि आप स्वस्थ रहकर खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने चाहते है तो इसके लिए आपको किसी विशेष प्रयोजन की आवश्यकता नही पड़ेगी अपने जीवन शैली में आमूलचूल परिवर्तन करके ही आप अपने शरीर को हैल्थी रख सकते है। हैल्थी बॉडी या स्वस्थ शरीर पाने के लिए जो आवश्यक ध्यान रखने योग्य बाते है वो कुछ इस प्रकार है -


1.हेल्दी  फ़ूड :- स्वस्थ शरीर पाने का लक्ष्य बिना हेल्दी फ़ूड लिए नही हो सकता क्योंकि आज के दौर में अधिकतर खानपान के चीज़ों में मिलावट, हानिकारक केमिकल, फ़ूड कलर, आर्टिफिशियल सुगंध के लिए रसायन आदि का उपयोग करना आम हो गया है ऐसे में इन सबके सेवन से आप शरीर को स्वस्थ कभी भी नहीं रख सकते।इसके लिए बेहतर होगा कि आप फल, हरी सब्जियों, सलाद इत्यादि को ले सकते हैं इसके अलावा बाज़ार में मिलने वाले जंक फूड्स से आप जितनी अधिक दूरी बनाकर रखेंगे यह आपके स्वस्थ शरीर के लक्ष्य को प्राप्त करने में उतना अधिक सफल हो पाएंगे।


2.योगा या जिम:- आज के इंटरनेट के समय मे जहाँ सिर्फ उंगलियों के मेहनत से हम हर काम कर पा रहे है इसका हमारे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बिना मेहनत के हर काम हो जाने के कारण हमारे शरीर की ऊर्जा घटते जा रही है। इसका सबसे बेहतर उपाय है कि योगा या जिम करें। यदि आप जिम नही जा सकते तो घर मे ही यूट्यूब के द्वारा अलग अलग वर्कआउट को देखकर उन्हें घर पर प्रयास करें। योगा या जिम का सबसे प्रारंभिक फायदा हमे यह मिलता है कि हमारा शरीर स्फूर्त और सक्रिय बनता है। धीरे धीरे यह हमारी रोज की रूटीन बन जाती है ।

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3.अपनी रुचि का ध्यान रखें:-

अपने काम के अलावा अपनी रुचि का भी ध्यान रखें।यदि आपकी रुचि कुकिंग, बुक रीडिंग, राइडिंग, पेंटिंग, म्यूजिक, डांसिंग या और भी कुछ अन्य है तो आप उसके लिए समय निकालें। एक ही काम को लंबे समय तक करते रहने से हमारा शरीर थक जाता है ऐसे में हमारे छोटे छोटे hobby इन उबाऊ भरे क्षण से बाहर निकलने में हमे मदद कर सकते है ताकि हम पुनः अपने काम को ऊर्जावान होकर जारी रख सके।



4.डिप्रेसन से बचे :-

काम के बढ़ते बोझ के कारण आज अधिकतर व्यक्ति डिप्रेशन में चल रहे है। आर्थिक और शारीरक कमजोरी किसी भी व्यक्ति को तनाव में डाल देती है जहाँ से बाहर निकल पाना मुश्किल होता है। लेकिन ऐसा भी नही है कि आप डिप्रेशन से कभी नही निकल सकते। डिप्रेशन का इलाज संभव है और यह इलाज आप स्वयं ही कर सकते है। इसकी पूरी जानकारी पढ़ने के लिए नीचे लिंक को देखे

और पढ़े- डिप्रेसन का इलाज करें इन आसान तरीको से


5.बाहर निकले :- लगातार काम या पढ़ाई करते रहना हमको नीरस बना सकता है ऐसे में आवश्यक होती है एक छुट्टी। जी हां, आप कुछ दिनों की छुट्टी ले और कही बाहर घूमने जाए। यदि यह सम्भव नही हो तो घर पर ही कुछ दिन समय बिताइए। काम से कुछ दिन का ब्रेक हमे खुद के बारे में सोचने के लिए समय देता है।इससे हम अपने आगे के लाइफ के बारे में चिंतन कर सकते है। यदि आप कही बाहर जाएंगे तो इसका सबसे बेहतर परिणाम यह होगा कि कुछ दिनों के लिए नए वातावरण में आप अपनी बाकी समस्याओं को भूल कर उस पल का पूर्ण आनंद ले सकेंगे। अगले दिन जब आप पुनः अपने काम पर लौटेंगे तो खुद को पहले से ज्यादा ऊर्जावान महसूस करेंगे।


4.What is disease :-

जब हमारा शरीर किन्ही रोगाणुओं के सम्पर्क में आता है और उसके कारण हमारे शरीर की क्रियाविधि में नकारात्मक असर पड़ता है तो इसे ही बीमारी कहते है। बीमारियों के कारण हमारा शरीर सुचारू रूप से नही चल पाता। कुछ सामान्य बीमारी जो हमे अक्सर होती रहती है -

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बुखार

•सर्दी जुकाम

•मांसपेशियों में दर्द

•स्किन सेंसिटिविटी

डिप्रेशन

सर में दर्द

•आंखों में जलन, आदि


5.HOW TO BE DISEASE FREE :-

बीमारियों के होने के कारण को जानने के बाद अब बारी आती है कि हम इन बीमारियों से कैसे खुद को सुरक्षित रख सकते है तो चलिए अब इन उपायों के बारे में विस्तार से बात करते है कि हम रोगमुक्त कैसे रह सकते है।


1.इम्युनिटी बढ़ाने वाले भोजन पर ध्यान दे :- हमारा शरीर खुद में एक अस्पताल से कम नही है।जी हां, क्योंकि हमारे शरीर मे ऐसे ऐसे क्रियाएँ होती है जिनके कारण बाहरी हानिकारक जीवाणु कीटाणु हमारे शरीर मे प्रवेश करके अंदर नष्ट कर दिए जाते है इन्हें हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कहते है। यह कार्य हमारे शरीर मे w.b.cs. या श्वेत रक्त कणिकाओं के द्वारा किया जाता है। बेहतर इम्युनिटी के लिए आप फलों का सेवन करें। जैसे- संतरा, ब्रोकली, अदरक, लहसुन, पालक, दही, बादाम आदि।


2.पानी ज्यादा से ज्यादा पीये:- ज्यादा से ज्यादा पानी आपके बीमार होने के खतरे को कम करता है। इसके अलावा यह आपके वजन कम या ज्यादा होने की समस्या को भी सुलझाने में मदद करता है। पानी की पर्याप्त मात्रा पी कर निम्न बीमारी से खुद को सुरक्षित रख सकते है :-

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शुगर

• वजन बढ़ने की समस्या

•कब्ज की समस्या

तनाव और माइग्रेन

• डिहाइड्रेशन

• पथरी की समस्या

• मूत्राशय का इंफेक्शन

• स्किन में रूखापन


3.हाइजिन का ध्यान रखे :-

बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए एक जरुरी बात जो यह है कि शारीरिक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। हमारे आसपास के क्षेत्र में अनेको हानिकारक बैक्टिरिया और वायरस इधर उधर हवा में फैले रहते है ऐसे में जब भी आप काम से या कही बाहर से घर वापस लौटे तो अपने हाथ मुँह को पानी से अच्छी तरह से धो लें। समय समय पर नाखून, बाल काटने का ध्यान रखने क्योंकि इनके द्वारा ही हानिकारक जीव हमारे शरीर मे प्रवेश करते है।


4.घरेलू स्वच्छता का ध्यान रखे :-

शारिरिक स्वच्छता के साथ साथ अपने घर ऑफिस में भी स्वच्छ्ता का ध्यान रखें। बाथरूम टॉयलेट इत्यादि में साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें। क्योंकि इन्ही स्थानों से बैक्टीरिया हमारे शरीर से होते हुए हमारे अंदर प्रवेश करते है। घरों की फर्श को बीच बीच मे सेनिटाइज करते रहे। आमतौर पर बच्चों को बीमारी घर के फर्श के गंदे होने के कारण ही होती है।इसके लिए आप फर्श पोंछते समय डेटॉल या दूसरे जर्म क्लीनर का प्रयोग कर सकते है।


5.आयुर्वेद अपनाएं:- आज जहाँ हर चीज़ों में मिलावट होते जा रही है वही कुछ चीज़ें आज भी अपनी विश्वसनियता के लिए प्रसिद्ध है इन्ही में सबसे पहले नाम आता है आयुर्वेद का। विभिन्न प्रकार के गोली दवाइयों के प्रयोग से हम स्वस्थ तो हो जाते है लेकिन इनका हमारे शरीर के अंदर दुष्प्रभाव भी पड़ता है। जैसे ज्यादा गोलियों के सेवन से कब्ज, गैस, लिवर प्रॉब्लम इत्यादि का आपको सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आप सामान्य बीमारियों के लिए इन दवाइयों को लेने से पूर्व आयुर्वेद में इनका इलाज ढूंढने के प्रयास करें। यह साइड इफेक्ट से भी सुरक्षित रहते है और परिणाम देने की भी संभावना इनमे अधिक होती है।


6.What are the difference between Healthy and Disease Free ?

इस तरह difference between healthy and disease free या स्वस्थ और रोगमुक्त में फर्क के इस पोस्ट में आपने स्वास्थ्य और रोगमुक्त होने को आपजी अलग से समझा। अब इसके बाद आप इनमें अंतर तो समझ ही गए होंगे कि ये दोनों एक दूसरे से सम्बंधित होते है। यदि आप खुद को स्वस्थ रख पाएंगे तो आपका शरीर रोगमुक्त स्वयमेव ही हो जाएगा। इसलिए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें,क्योंकि स्वस्थ शरीर रहेगा तभी तो आप भी हमारे साथ कह सकेंगे  BYE BYE BIMARI

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