dalchini powder for weight loss in hindi

भारतीय मसालें न केवल भारत में प्रसिद्ध हैं अपितु ये विश्व भर में उपयोग में लाये जाते हैं। उपयोग करने का तरीका प्रत्येक देश का अलग अलग होता है किंतु मसाले तो एक ही होते हैं। गरम मसालों में से एक प्रसिद्ध मसाला है – दालचीनी। दालचीनी दो प्रकार के होते हैं। दालचीनी का प्रयोग आमतौर पर खुशबू यानी खाने में सुगंध लाने के लिए किया जाता हैं। इसके फ्लेवर को मीठा,नमकीन, स्नैक्स एवं परंपरागत भोजन में प्रयोग किया जाता है। इसमे जो खुशबू होती है वह बहुत ही बेहतरीन होती है और यह खुशबू इसमे पाये जाने वाले तेल की वजह से होती है। दालचीनी हमे छोटे एवरग्रीन पौधे से प्राप्त होती है इस पौधे के छाल को दालचीनी कहा जाता है। यह विशेष रूप से दक्षिण भारत और श्रीलंका में होता है। इसकी पत्तियां अंडाकार होती है। दालचीनी और शहद का उपयोग वजन घटाने में भी किया जाता है और यह तरीका बहुत कारगर भी होता है।dalchini powder for weight loss in hindi इसकी पत्तियों का तेल मच्छरों को भगाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। दालचीनी को इंग्लिश में cinnamon powder कहा जाता है।

दालचीनी का चूर्ण
दालचीनी image


दालचीनी के उपयोग से हमें एनर्जी, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन C, विटामिन E, विटामिन K आदि प्राप्त होता है। इसमें कैल्सियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, फॉस्फोरस, पोटैशियम, सोडियम आदि पोषक तत्व की प्राप्ति होती है।

दालचीनी का प्रयोग न केवल गरम मसाले के तौर पर किया जाता हैं अपितु कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए भी किया जाता है।दालचीनी की चाय भी बहुत प्रसिद्ध है।

दालचीनी के फायदे Dalchini powder uses :-


1. दालचीनी एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, और एंटीवाइरल होती है।

2. दालचीनी डायबिटीज जैसे बीमारी को भी रोकथाम करने में हमारी सहायता करती है।

3.इसमे पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के विरुद्ध लड़ने में सहायक होते है। दालचीनी का प्रयोग कैंसर कारक वायरस से लड़ने के लिए कारगर साबित हो सकता है।

4.दालचीनी फंगल इंफेक्शन को दूर करने में सहायक होता है।फंगल इन्फेक्शन कपड़ो के गीलेपन, नमी, यूरिन इंफेक्शन, पसीना इत्यादि की वजह से हो जाता है।दालचीनी का प्रयोग इस समस्या से निपटने के लिए किया जा सकता है।

5.एक्ने एवम स्किन से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए भी दालचीनी का प्रयोग फायदेमंद साबित होता है। इसका प्रयोग करके फेस मास्क भी बनाया जाता है।

दालचीनी की चाय कैसे तैयार करें ?

आवश्यक सामग्री :-

दालचीनी की एक स्टिक

एक कप (250 ml) पानी

एक टी बैग

स्वादानुसार शक्कर या शहद या मिठास के लिए आप जो भी सामग्री प्रयोग करना चाहें।

बनाने का तरीका :-

एक पैन में दालचीनी स्टिक डालें, इसके ऊपर पानी डालें । अब इसे 10 मिनट के लिए अच्छी तरह पकने दें। इसके बाद इसमे टी बैग डाले और दो मिनट तक टी बैग को उसमे भीगने दें और मिठास हेतु इच्छानुसार शहद या अन्य सामग्री मिला लें। अब इसे छलनी की सहायता से छान के पीये।

दालचीनी की चाय के फायदे


दालचीनी का प्रयोग केवल मसाला के तौर पर ही नहीं किया जाता है, बल्कि इसको और भी कई तरीकों से इस्तेमाल करके स्वास्थ्य लाभ लिया जा सकता है। दालचीनी की चाय भी बहुत प्रसिद्ध है, इसे शुद्ध दालचीनी से भी बनाया जा सकता है, और दूसरी चाय के साथ मिश्रण बना के भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

दालचीनी की चाय के फायदे


• दालचीनी की चाय का प्रयोग सरदर्द, दस्त, पेट में दर्द, पेट ऐंठना और पेट की गड़बड़ी से संबंधित बीमारियों के ईलाज के लिए किया जाता है।

• हाई ब्लड प्रेशर और हाइपर टेंशन इन दोनों समस्याओं में भी दालचीनी की चाय बहुत फायदेमंद साबित होती है।

• Dalchini for diabetes डायबिटीज की बीमारी , जो कि आज बड़े बुज़ुर्गों और नवयुवकों को भी हो रही है एक ऐसी बीमारी है जिसका जड़ से खत्म होना तो मुश्किल है लेकिन कुछ हद तक तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। दालचीनी की चाय इसमे आश्चर्यजनक रूप से लाभ पहुंचाती हैं। टाइप 2 डायबिटीज के लिए इंसुलिन की तरह काम करती हैं। अगर आप टाइप 2 डायबिटीज मरीज हैं औऱ आप रोजाना दालचीनी की चाय लेते हैं, तो यह आपके ब्लड शुगर के लेवल को संतुलित रखता है।


• दाँतो से सम्बंधित बीमारियों में भी दालचीनी की चाय लाभदायक सिद्ध होती है।इसमें पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह से यह हमारे दाँतो और मसूड़ो को जर्म से सुरक्षित रखता है ।इसके लिए आप एक कप दालचीनी का चाय शहद के साथ पिये तो यह हानिकारक जर्म से हमारा बचाव करता है। यह कुदरती माउथ फ्रेशनर के रूप में भी उपयोग में लाया जा सकता है।

• दालचीनी की चाय का महत्वपूर्ण उपयोग यह है कि यह वजन कम करने में सहायता करती है।वजन घटाने के लिए बाजार में वैसे तो बहुत से पाउडर या दवाईयां मिलती रहती है लेकिन हो सकता है कि इनके साइड इफेक्ट भी हो जो आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा दें। दालचीनी की चाय पी कर आप इसमे बिना किसी साइड इफेक्ट के अपना वजन कम कर सकते हैं। इसमे बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती हैं तथा यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखता है। जिसके फलस्वरूप शरीर के एक्स्ट्रा फैट कम करके वजन को कम कर पाना आसान हो पाता है।

• दालचीनी की चाय दिल से सम्बंधित बीमारियों में भी लाभदायक होती हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है।इसमे प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है जो कि हमारे हार्ट को कंट्रोल करता है। दालचीनी की चाय कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखती है। यदि आप दालचीनी की चाय रेगुलर पीते है तो आपको हृदय संबंधित रोग होने की संभावना कम हो जाती है।

• सर्दी जुकाम, गले की खराश इत्यादि में भी दालचीनी की चाय कारगर होती है। इसमे एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कि गले की खराश को दूर करते हैं। ठंड के मौसम में यह समस्या सामान्य बन जाती है इसलिए अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो इस सीजन में दालचीनी की चाय जरूर पीये।

• अक्सर ऐसा होता है कि हम कुछ पढ़ते है और फिर उसे भूल जाते है।यह भूलने की आदत केवल बच्चों में ही नही बल्कि बड़ो में भी होती है।दालचीनी की चाय मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को तीव्र और संतुलित रखने का कार्य करती है। यदि आप रोज दालचीनी की चाय पीते है तो आप अपने याददाश्त क्षमता को आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ा सकते है जिसे आप स्वयं भी अनुभव कर पाएंगे।

• अगर आप रोजाना एक कप दालचीनी की चाय पीते हैं तो यह आपको विभिन्न प्रकार के दर्द से सुरक्षित रखने में मददगार साबित होती हैं। इससे पेट मे ऐंठन, दर्द, जोड़ो के दर्द, आर्थराइटिस , मासिक धर्म के दौरान होने वाला दर्द, दांत और मसूड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है ।

• आज के समय में केवल लड़कियां ही नही बल्कि लड़के भी अपनी स्किन को लेकर जागरूक रहते हैं जिसके लिए वे तरह तरह के कॉस्मेटिक एवम ब्यूटी टिप्स को अपनाते है। ये टिप्स न सिर्फ महंगे होते है बल्कि साइड इफेक्ट से भी भरे हुए होते है,अगर आप दालचीनी की चाय का इस्तेमाल करते है तो यह आपके चेहरे के डार्क स्पॉट्स को कम करने के साथ साथ अन्य भाग के स्किन से सम्बंधित समस्याओं को भी दूर करता है।



दालचीनी का पानी :-


दालचीनी का पानी एक ऐसी प्राकृतिक औषधि है जो कि लंबे समय से विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए प्रयोग में लाई जा रही है। दालचीनी का पानी वेट लॉस, हेल्दी बॉडी, और संतुलित जीवनशैली इत्यादि के लिए कारगर होता है।

Dalchini ke pani ke fayde :-

1.बदलते जीवनशैली में हार्मोनल डिसबैलेंस की वजह से कई प्रकार की समस्याएं जन्म लेती है जिनमे से एक समस्या, जो कि महिलाओं में आम हो गयी है वह है “ओवरियन सिस्ट” । दालचीनी का पानी इस समस्या से निजात दिलाने में सहायक साबित हो सकता है।

2.मासिक धर्म के समय होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं जैसे – दर्द, ऐंठन, मासिक धर्म में अनियमितता, अत्यधिक खून जाना, इत्यादि में भी दालचीनी का पानी और दालचीनी की चाय राहत पहुँचाते है।

3.दालचीनी में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो कि फंगस और बैक्टीरिया इत्यादि से शरीर की सुरक्षा करते है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ते हैं, तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें कई बीमारियों से बचाने में सहायक होते है।

Cinnamon Honey Weight Loss ( Shahad
aur Dalchini ke fayde in Hindi )

रोजाना सुबह के नाश्ते से आधे घण्टे पहले खाली पेट,रात में सोने से पहले यदि आप शहद और दालचीनी का सेवन करते है तो निश्चित रूप से यह वजन घटाने में आपकी मदद करेगा और यह आपके शरीर पर एक्सट्रा फैट नही जमने देगा।

बनाने का तरीका :-

एक चम्मच शहद

एक चम्मच शुद्ध दालचीनी का चूर्ण

विधि :-

सर्वप्रथम एक बाउल में दालचीनी पाउडर डालें, फिर 1 कप पानी उबालें फिर इस पानी को, उस बाउल में जिसमें दालचीनी पाउडर रखा गया है उसमे मिला दे और 15 मिनट तक उसे छोड़ दे।अब इसमें शहद डाले।ध्यान रहें शहद डालने तक यह पानी ठंडा हो चुका हो अन्यथा इसके एंजाइम नष्ट हो जाएंगे।

how to make dalchini oil दालचीनी आयल कैसे बनायें ?


दालचीनी न केवल सस्ती बल्कि आसानी से उपलब्ध हो जाने वाली औषधि है। यह अन्य घटकों के साथ मिलाकर भी बनाया जा सकता है। इसे और अधिक फायदेमंद बनाने के लिए इसका तेल भी तैयार किया जा सकता है जो कि स्किन प्रॉब्लम, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए, और विभिन्न प्रकार की हेल्थ समस्याओं के निवारण के लिए प्रयोग में लाया जाता है। मार्केट में दालचीनी का तैयार तेल मिलता भी है किंतु अगर आप इसे घर मे बनाते हैं , तो यह निश्चित रूप से ज्यादा शुद्ध होगा।

आवश्यक सामग्री :-

1 कप एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून का तेल (लगभग 200 ग्राम )

दालचीनी की 10 से 12 काड़ी / स्टिक

एक एयर टाइट जार (गहरे रंग के कांच का)

बनाने की विधि :-

सबसे पहले तो अच्छी क्वालिटी की दालचीनी स्टिक ले लें। उसके बाद एक पैन मे दालचीनी की सभी स्टिक को डालकर उसके ऊपर जैतून का तेल डाल दें। अब इसे धीमी आंच पर 2 से 3 घण्टा पकने दे। ध्यान रहें कि आंच धीमी रहे तेज न हो क्योंकि तेज आंच होने पर इन दोनों सामग्रियों के पोषक तत्व नष्ट होने का खतरा रहता है। अब इसे हल्का ठण्डा होने दे फिर इस तैयार तेल को कांच के जार में डाल दे। अब इसके ढक्कन को अच्छी तरह से बंद करके इस जार को लगभग 3 हफ़्तों तक किसी सूखे और गर्म जगह पर रखें। इस जार को रोजाना अलट पलट करते रहें। अंत मे इसे डार्क जार में ठंडे और सूखे स्थान पर रख दें ताकि यह सुरक्षित रह सके। इस तेल को आप एक साल तक इस्तेमाल कर सकते है।

दालचीनी का सेवन कैसे करें ?


दालचीनी का सेवन करने के यूँ तो बहुत से तरीके है जो कि आपकी पसंद और जरूरत के आधार पर निर्भर करता है। सबसे पहला तरीका तो यह है कि मसाले के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है,नमकीन मीठी, पेय पदार्थ, रूम फ्रेशनर, घर और घर के साफ सफाई के लिए उपयोग किये जाने वाले प्रोडक्ट में भी इसे मिलाकर उपयोग किया जाता है। दालचीनी का सेवन चाय के रूप में, तेल के रूप में, दालचीनी का पानी बनाकर और भी अन्य तरीकों से आप इसका सेवन करके लाभान्वित हो सकते हैं।

दालचीनी के नुकसान

साइड इफ़ेक्ट

दालचीनी न सिर्फ मसाला है बल्कि इसका प्रयोग औषधि के रूपमें भी किया जाता है। दालचीनी की तासीर तासीर गरम होती है। दालचीनी को लकड़ी, पिसा हुआ पाउडर, चाय के रूप में, इसका पानी तैयार करके एवं दालचीनी का तेल भी निकल कर विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है।  अब आप यह जान चुके है कि Dalchini ke fayde kya kya hai.यह हर तरीके से फायदेमंद ही होती है, किन्तु इसके कुछ साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते हैं। अब आप जानेंगे कि दालचीनी से क्या क्या नुकसान है?

यदि आप दालचीनी को प्रयोग में ला रहे हैं, तो प्रतिदिन के हिसाब से दालचीनी की मात्रा 1-2.5 gm ही प्रयोग करें, इससे ज़्यादा नहीं। अन्यथा फायदे की जगह नुकसान ही होगा, इसे प्रयोग में लाने के कुछ दिनों के भीतर फायदा न मिले या किसी किस्म की समस्या महसूस हो तो तुरंत अपने dr. से संपर्क करें।

• कुछ लोगों को दालचीनी से एलर्जी हो सकती है जैसे जी मिचलाना, उल्टी, मितली, मुँह में छाले आना इत्यादि। यह तब होता है, जब आप ज़्यादा मात्रा में दालचीनी का सेवन करते हैं।

• गर्भवती महिलाएं दालचीनी का सेवन न करें।

• आवश्यकता से अधिक मात्रा में दालचीनी का सेवन आपके लिवर को भी नुकसान पहुँचा सकता है।

• दालचीनी का एक नुकसान ये भी है कि इससे अधिक इस्तेमाल से ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाता है, जिससे हृदय से संबंधित समस्याएँ , शुगर और इससे जुड़ी अन्य समस्यायें सामने आ सकती हैं।

• अस्थमा में दालचीनी का प्रयोग कैसे करें :- यदि आप अस्थमा या साँस संबंधित अन्य किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो बेहतर होगा की आप संतुलित मात्रा में व dr. से परामर्श के बाद ही दालचीनी का सेवन करें। वरना आपको खांसी, साँस लेने में समस्या इत्यादि हो सकती है।

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