इस पोस्ट में आप complete blood count in Hindi से जुड़ी हर बात को जानेंगे साथ ही blood deficiency रक्त की कमी से होने वाले 3 रोग एनीमिया, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया, और न्यूट्रोपेनिया के बारे में भी जान पाएंगे।


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CBC Test Kya hai


सीबीसी टेस्ट एक सामान्य रक्त जांच की प्रकिया है जो किसी भी चिकित्सक को अपने मरीज के रक्त के संबंध में 3 बातें बताती है-


1.Red Blood Cell या लाल रक्त कणिका


2.White blood cell या श्वेत रक्त कणिका


3.Platlets cell या प्लेटलेट्स सेल


यह तीनों प्रकार के सेल्स ही हमारे शरीर के परिसंचरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

एक CBC Test में 5 तरह की प्रमुख जांच होते है जब कभी भी आप cbc टेस्ट कराते है तो हर बार आपके टेस्ट में यह 5 आंकड़े देखने को मिल जाएंगे इनकी संख्या पुरूष और महिलाओं में अलग अलग हो सकती है। ये प्रमुख 5 जांच इस प्रकार है :-

Red blood cell count या लाल रक्त कणिकाओं की संख्या :- R.B.C.s हमारे शरीर मे ऑक्सिजन के परिवहन करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।RBCs में ही एक प्रमुख प्रोटीन हीमोग्लोबिन होती है जो rbcs के लाल होने के प्रति उत्तरदायी होती है।सामान्यतः आरबीसी की हमारे शरीर मे वैल्यू 4 – 5.5 m/uL होती है।


Hemoglobin value हीमोग्लोबिन की मात्रा:- हीमोग्लोबिन हमारे रक्त में फेफड़ो से ऑक्सिजन को शरीर के हर अंग तक ले जाने का काम करती है और फिर कार्बन डाइऑक्साइड को रक्त के द्वारा फेफड़ो तक वापस लाती हैं जिन्हें हम श्वास के द्वारा बाहर निकाल देते है।सामान्यतः हमारे शरीर मे हीमोग्लोबिन की नार्मल वैल्यू 12 से 17.4 g/dl होती है।


WBC Count या श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या :- वाइट ब्लड सेल्स हमारे शरीर को बाहरी इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।सामान्यतः हमारे शरीर ने wbc की मात्रा 5 से 10k/uL तक होती है। इन्हें ANC Count भी कहते है यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बताती है।


हिमेटोक्रीट वैल्यू या HCT वैल्यू :- हिमेटोक्रीट Value हमें इस बात की जानकारी देती है कि हमारे शरीर के कुल रक्त का कितना रक्त RBCs से बना हुआ है ।स्वस्थ्य शरीर मे HCT की वैल्यू 36 से 52 % होती है।


Platelet count या प्लेटलेट्स सेल्स की संख्या :- जब कभी भी हमारे शरीर मे किसी स्थान पर चोट लगने से खून बहने लगता है तो प्लेटलेट्स के सेल्स उस स्थान पर रक्त स्कन्दन करते है जिससे खून का बहना बंद हो जाता है स्वस्थ शरीर मे इसकी मात्रा 140 से 400 k/uL होती है।


Blood disorder in hindi रक्त की कमी से होने वाले रोग :-


जब कभी हम cbc टेस्ट कराते है और इससे हमारे रिपोर्ट में हम ऊपर बताये गए सेल्स की मात्रा को देखकर जान पाएंगे कि हमारे वाइट ब्लड सेल या Hb वैल्यू या इसके अलावा ANC काउंट को भी हम देख पाएंगे और शरीर मे इनकी कमी अथवा सामान्य स्तर को समझ पाएंगे।


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यदि हमारे ब्लड में ऊपर बताये गए सेल्स की मात्रा में कमी दिखती है तो हमे स्वास्थ्य संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।अब यह परेशानी या बीमारी क्या हो सकती है इन्हें देखते है क्रमशः :-


न्यूट्रोपेनिया या low WBC count :-


यदि आपकी न्यूट्रोपेनिया का लेवल कम बता रहा है तो इसका अर्थ यह है कि हमारे व्हाइट ब्लड सेल्स की मात्रा में कमी आ गयी है जो हमे रोगो से लड़ने में सहायता करता है। इसे ANC काउंट भी कहा जाता है।यह जितना ज्यादा कम होगा हमारे बीमार होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।इसके कमी होने को 2 स्तर में बाँट सकते है


यदि आपका ANC काउंट 1000 /uL या 1.0 k/uL है तो आपके शरीर मे इंफेक्शन होने के चान्सेस बहुत ज्यादा है।


यदि आपका ANC काउंट 500 /uL या 0.50K/uL हैं तो यह बहुत ही गंभीर स्थिति है आप इंफेक्शन के दायरे में आ चुके है और आपको शीघ्र उपचार की आवश्यकता है।


इंफेक्शन से बचने का तरीका :-


इंफेक्शन से बचने का तरीका यह है कि हमे इन हानिकारक बैक्टिरिया और वायरस को शरीर से बाहर निकालने की आवश्यकता है।यह हानिकारक कीटाणु हमारे शरीर मे निम्न माध्यम से पहुंच सकते है-


●हवा के द्वारा:- किसी अन्य के द्वारा छींकने या खासने से उसके मुंह अथवा नाक से निकले जर्म्स का हवा द्वारा हमारे श्वास के जरिये शरीर मे प्रवेश कर जाना

●रक्त

●पसीना

●लार या सलाइवा

●कई बार ये जर्म्स हमारे शरीर मे हाथो के स्पर्श द्वारा भी प्रवेश कर जाते है जब हम किसी संक्रमित वाले जगह पर हाथो से अपने मुँह, आँख अथवा नाक को छूते है तो ये कीटाणु हमारे अंदर आ जाते है।


यदि आपका WBC लेवल कम हैं तो आप निम्न तरीको को अपनाकर खुद को सुरक्षित रख सकते है:-


1.कभी भी खाना खाने के पूर्व यदि आप नीचे बताये गए किसी कार्य को किये है तो अपने हाथ को अच्छी तरह से धोकर ही खाने बैठे, जैसे:-

●यदि आप बाथरूम गए हो

●यदि आप खांसी छींक कर हाथो से मुंह को साफ किये हो

●यदि आप किसी से हाथ मिलाया हो

●यदि आप किसी ऐसे चीज़ का इस्तेमाल किये हो जिसे आपके पहले किसी और ने स्पर्श किया हो तो आप अपने हाथ को अच्छी तरह से धो कर ही खाना खाएं।


2.प्रतिदिन स्नान करें


3.यदि आपकी स्किन रूखी हुई है तो स्किन में किसी प्रकार के लोशन लगाए यह आपको चोट या खरोंच से बचाएगा क्योंकि इन्ही खरोंच से ही जर्म्स हमारे शरीर मे प्रवेश करते है।


4.यदि शरीर के किसी भाग में खरोच अथवा चोट लग गयी है तो आप सबसे पहले उस स्थान को अच्छे से धोकर साफ करें फिर बेंडिट पट्टी के द्वारा उस स्थान को ढंक दे।


5.गंदगी अथवा जर्म्स के पाए जाने वाले जगह जाने से बचें अथवा उन जगहों में जाने से पूर्व जूते पहन लें।


एनीमिया या low RBCs level:-


यदि आपको एनीमिया है तो इसका अर्थ यह हैं कि आपके रेड ब्लड सेल्स RBCs की मात्रा में कमी हो गयी है इसके अलावा आप यह भी मान समते है कि आपके रक्त में हीमोग्लोबिन और हिमेटोक्रीट की मात्रा कम हो चुकी है।एनीमिया के शुरुआती स्टार में सामान्य उपचार प्रक्रिया के द्वारा इसका इलाज कराया जा सकता है किंतु गम्भीर स्थिति में मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करा कर अतिरिक्त ब्लड देने की आवश्यकता पड़ सकती है।यदि आपका आरबीसी लेवल कम है तो आप निम्न लक्षणों के द्वारा एनीमिया की पहचान कर सकते हैं:-


●सांस लेने में दिक्कत या जल्दी जल्दी सांस लेना

●धड़कन में अनियमितता

●सिर चकराना

●कान में किसी तरह की आवाज का अनुभव होना

●कमजोरी का एहसास होने


एनीमिया से बचने का तरीका :-


●लम्बी एक्टिविटी के बाद आराम करें

●रात में पर्याप्त नींद ले

●काम के दौरान आराम से उठे व बैठे।यह आपको कमजोरी से बचाएगा।


थ्रोम्बोसाइटोपेनिया :-


यदि आपका रक्त बहने वक्त जल्दी नही जमता अर्थात रक्त का स्कन्दन देर से होता है तो आपके ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी हो गयी है। यदि आपके प्लेटलेट्स की मात्रा में गिरावट आ गयी है तो आप निम्न लक्षणों से भी उसकी पहचान कर सकते है जैसे:-


●स्किन में लाल चकते बनना

●नाक से खून का बहना

●जबड़ो में खून आना

●मूत्र का हल्का लाल अथवा भूरा दिखना

●पीरियड के दौरान औसत से अधिक खून का आना

●स्किन में कट छिल जाने पर खून का लगातार बहते रहना


थ्रोम्बोसाइटोपेनिया से बचने के तरीकें :-


●नरम और अच्छी गुणवत्ता के टूथ ब्रश का उपयोग करे जिससे मसूड़ो के छिलने का खतरा कम हो।

●यदि प्लेटलेट्स की संख्या 20 हजार से कम है तो दाढ़ी बनाने के लिए रेजर के स्थान पर इलेक्ट्रिक शेविंग मशीन का उपयोग करें।

●गार्डनिंग करते वक्त औजार के उपयोग करने से बचें।

●नाक को साफ करते समय ज्यादा जोर न दे।

●नुकीले अथवा धारदार उपकरण से दूरी बनाए रखे।

इस तरह इन बताये गए तरीको से आप रक्त की कमी से होने वाले रोग से खुद को बचा पाएँगे व स्वस्थ रह पाएंगे।किसी भी तरह की दवा लेने से पूर्व तथा टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद अपने चिकित्सक से अवश्य मिले और उनके परामर्श के अनुसार ही काम करे।


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उम्मीद करते है कि cbc test kya hota h और cbc test normal range के इस पोस्ट के द्वारा आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया होगा।किसी भी तरह के सवाल होने पर आप नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सवाल रख सकते है। 


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