इंसान का शरीर खुद में एक चलता फिरता अस्पताल है।इसे हम ऐसे समझ सकते है कि रोजाना हमारे शरीर मे कई हजारो बैक्टीरिया, वायरस का हमला होता है जो हमे रोगग्रस्त कर सकते है लेकिन फिर भी हमे किसी तरह की कोई बीमारी नही होती।इसका कारण है हमारे शरीर मे मौजूद रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी पॉवर) । इस पोस्ट में हम बच्चों के स्वास्थ्य में होने वाली समस्याओं पर ही बात करेंगे।

अक्सर अपने सुना होगा कि मौसम के बदलने से लोगो को वायरल फीवर हो जाता है,या फिर सर्दी,जुकाम,या अन्य कोई बीमारी हो जाती है।इन सारे बीमारियों का सबसे आसान टारगेट बच्चे होते है,क्योंकि इन बच्चों में खानपान की कोई नियमितता नही होती।।इन सामान्य कारणों से जब शरीर रोगग्रस्त हो जाता है तो इसका प्रमुख वजह शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी का होना है।

अच्छे खानपान,दिनचर्या, आदि से बच्चों का शरीर स्वस्थ और रोग प्रतिरोधी होता है।

कुछ सामान्य बातो का ख्याल रखकर यदि हम इनका पालन करें तो हम हमारे घर के बच्चों की स्वास्थ्यगत समस्याओं का निवारण भी कर सकते है और उनकी इम्युनिटी पावर को बढ़ा भी सकते है।

नवजात शिशु को स्तनपान कराये 

जन्म के पश्चात 6 माह तक नवजात शिशु को सिर्फ माँ का गाढ़ा पीला दूध ही पिलाये।यह बच्चे के विकास और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षमता में वृद्धि करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। 6 माह के पश्चात बच्चे को माँ के दूध के साथ अन्य चीज़े भी खिला सकती है।माँ का दूध बच्चे को कितने वर्ष तक पिलाया जा सकता है इसे लेकर कोई भी निश्चित समय सीमा तय नही हुई है लेकिन 2 वर्ष तक स्तनपान नियमित रूप से कराए।इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता और उसके शारीरिक और मानसिक विकास में तीव्र वृद्धि होती है।



माँ का दूध पिलाना सिर्फ बच्चें के लिए ही लाभकारी नही होता बल्कि यह स्वयं माँ के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।इससे माँ के शरीर का अतिरिक्त वजन कम होता है। ब्रेस्ट और अंडाशय का कैंसर का खतरा कम हो जाता है। पर्याप्त स्तनपान बच्चों की पोषक तत्वों की पूर्ति कराता है जिससे बच्चे में कुपोषण और शिशु मृत्यु दर में भी गिरावट आती है।

बच्चों को शारीरिक गतिविधि कराये -

How to increase immunity power in child

शारीरिक गतिविधि से हमारा तात्पर्य बच्चों के खेलने कूदने से है। आज के दौर में बच्चें की शारीरिक गतिविधि कम और उनकी मानसिक गतिविधि ज्यादा हो जा रही है।जैसे बच्चे सिर्फ स्कूल की पढ़ाई और उसके बाद मोबाइल गेम में व्यस्त हो जाते है।इससे उनकी शारीरिक गतिविधियां कम होती जा रही है।जो शरीर को आलस्य और रोग फैलाने वाले वायरस के लिए आसान घर बना देता है।



बच्चों को खुले वातावरण में लेकर उनके साथ खेले।इससे आपके और बच्चे के बीच का संबंध भी मजबूत होगा और बाहरी वातावरण के शुद्ध हवा से बच्चे की इम्युनिटी पॉवर भी बढ़ेगी।

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मोबाइल और दूसरे गैजेट से दूर रखें

आजकल हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन मौजूद है और बच्चे इन्हें देखकर इनकी ओर आकर्षित होते है।बच्चों के प्रति स्नेह के कारण हम उन्हें मना भी नही करते जो बाद में उनके लिए हानिकारक साबित हो जाता है।मोबाइल में गेम खेलने की लत बच्चो को मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से प्रभावित करती है जो उनके इम्युनिटी सिस्टम में असर डालता है।कई बार बच्चे इन मोबाइल गेम्स को गंभीरता में ले लेते है जिनके दुष्प्रभाव हम समय समय पर न्यूज़ चैनल पर सुनते रहते है।गेम्स का हमारे मस्तिष्क पर बहुत गहरा असर पड़ता है।कोशिस करे कि छोटे बच्चों को मोबाइल गेम्स से दूर ही रखे।



ज्यादा देर मोबाइल चलाना हमारे आंखों के लिए भी हानिकारक होता है।इससे बच्चों में कम उम्र में आंखों की रोशनी प्रभावित हो जाती है और उनके नजर के चश्मे पहनने पड़ जाते है।यदि बच्चे मोबाइल में कोई अच्छी चीज देख रहे है तो उनसे एक निश्चित समय के अंतराल में मोबाइल वापस मांग ले।इससे वे समय के दुरुपयोग से भी बचेंगे और मोबाइल के लत लगने से भी बचेंगे।


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पोषक तत्वों की पूर्ति के रखें ख्याल

बच्चों को ऐसे भोजन खिलाये जिससे उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व मिल सके।यह सभी विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर होते है।इन्हें आप समय समय मे बदलकर बच्चो को खिलाएं।इनसे शरीर का विकास प्रभावित होता है जो हमारे इम्युनिटी पॉवर को बढ़ा सकता है।इसके अलावा आप बच्चो को जंक फूड्स जैसे चिप्स,कोल्ड ड्रिंक, स्टोरफूड्स,फ्रोजेनफूड्स आदि खाने से बचाये।इनसे शरीर को लाभ तो कम लेकिन हानि ज्यादा पहुचती है।


समय समय में हेल्थ चेकअप कराते रहें

"सावधानी ही सुरक्षा की ओर पहला कदम है" इस कथन को तो आप भलीभांति जानते ही होंगे।बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जरा भी लापरवाही उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।माता पिता को शिशु को लगने वाले सभी तरह के टीके के बारे में अवगत रहना जरूरी होता है।जन्म के पश्चात ही बच्चों का टीकाकरण प्रारम्भ हो जाता है,इन टीका की पूरी सूची आप अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से ले सकते हैं और समय समय मे अपने बच्चों को आवश्यक टिका लगा कर बच्चों को रोग प्रतिरोधी बना सकते है।



इन टीको में खसरा,मम्प्स,रोटा वायरस,मिसेल्स,इन्फ़्लुएन्ज़ा, रूबेला,पोलियो आदि प्रमुख होते है।

इस तरह इन कुछ खास बातों का ध्यान रखकर हम अपने घरों के बच्चों का इम्युनिटी पॉवर बढ़ा सकते हैं

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