टाइप 2 डायबिटीज हमारे ब्लड में शर्करा की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण होता है,लेकिन इसका इलाज कुछ सावधानियां बरत कर किया जा सकता है।आज इस पोस्ट में हम इन्ही सावधानियों पर बात करेंगे।



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Type 2 डायबिटीज के प्रारंभिक लक्षण :- 

  1. बार बार पेशाब लगना :- ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाने के कारण किडनी शुगर की अतिरिक्त मात्रा को छानकर पेशाब के द्वारा उसे बाहर निकलने का प्रयास करता है जिस कारण बार बार पेशाब आने लगता है।यह क्रिया दिन और रात दोनों समय चलती रहती है।
  2. प्यास ज्यादा लगना :- बार बार पेशाब जाने से शरीर मे पानी की मात्रा में लगातार कमी आती जाती है जिससे शरीर के डीहाइड्रेट होने का खतरा बढ़ते जाता है जिसके पूर्ति करने के लिए हमे बार बार प्यास लगती है।
  3. भूक बढ़ जाना :- डायबिटीज की शिकायत वाले लोगो को अपने भोजन से पर्याप्त ऊर्जा नही मिल पाती।इसका कारण यह है कि हमारा पाचन तंत्र भोजन को ग्लूकोज़ में परिवर्तित करता है जिससे हमारी कोशिकाओं को ऊर्जा प्राप्त होती हैं, लेकिन डायबिटीज होने पर ग्लूकोस की मात्रा में कमी आ जाती है जिससे कोशिकाओं को आवश्यक ऊर्जा की पूर्ति नही मिल पाती और शरीर पुनः भूख का अनुभव करने लगता है।
  4. थकान का अनुभव करना :- कोशिकाओं में ग्लूकोज़ की मात्रा में कमी आ जाने के कारण शरीर किसी भी काम को करने में थकान का अनुभव करने लगता है।
  5. नजर का धुंधला होना :- रक्त में शुगर की बढ़ती हुई मात्रा आँखों के नाजुक रक्त वाहिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकती है जिससे नेत्रदृष्टि धुंधली पड़ जाती है।ऐसा किसी एक आंख या दोनों में भी हो सकता है।यदि इसका इलाज नही कराया गया तो नेत्रदृष्टि हमेशा के लिए भी खत्म हो सकता हैं।
  6. घाव का देर से भरना :- रक्त में शुगर की बढ़ी हुई मात्रा कोशिकाओं में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा देती है जिसके कारण शरीर मे होने वाले छोटे छोटे घाव को भी भरने में हफ़्ते या महीने लग जाते है।इससे शरीर मे इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  7. हाथ पैर में झुनझुनी होना :- उच्च शुगर स्तर शरीर की नर्व और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करती है जिससे हाथ पैर में झुनझुनी होने लगती है और कुछ देर के बाद शरीर के ये अंग सुन्न पड़ जाते है।
  8. त्वचा का रूखापन :- शरीर मे पानी की मात्रा में कमी के कारण त्वचा में रूखापन बढ़ जाना है जिससे खुजली, मुहांसे, फ़ोड़े आदि त्वचा में होने लगते है।कई बार त्वचा में कहीं कहीं लाल दाने या निशान भी पड़ जाते है।
  9. चक्कर आना :- शरीर मे शुगर की मात्रा का पेशाब के द्वारा बाहर कर दिए जाने से शरीर मे ग्लूकोज़ की मात्रा में कमी आ जाती है।ग्लूकोज़ ही शरीर के कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करती है।डायबिटीज होने पर चक्कर आने की समस्या को आप नजरअंदाज नही कर सकते।
यदि आप डायबिटीज के प्रारंभिक चरण में ही इसकी पहचान कर पाते है तो यह आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है।सही समय मे इसकी पहचान कर आप अपने लाइफ स्टाइल को नियंत्रित कर, ब्लडसुगर की मात्रा को नियंत्रित कर आप अपने जीवन के स्वास्थ्य संबंधी खतरों को नियंत्रित कर सकते है। सही समय मे सावधानी उठाकर आप इन कुछ बीमारियों से अपनी जान बचा सकते है-
  • हृदय संबंधी रोग
  • मस्तिष्क आघात, स्ट्रोक
  • तंत्रिकाशोथ या न्यूरोपैथी
  • फुट प्रॉब्लम
  • किडनी बीमारी
  • नेत्र रोग
  • सेक्स संबंधी रोग
ब्लडसुगर को नियंत्रित रखकर हम इन घातक बीमारियों को काबू में रख सकते है यदि शुगर की मात्रा को समय रहते नियंत्रित नही किया जा सका तो यह गंभीर समस्या भी बन सकता है जिससे हमे अस्पताल में एडमिट करने की स्थिति भी बन सकती है।

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Type 2 डायबिटीज रोगी होने के संभावित व्यक्ति :-

  • 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग
  • शरीर का आवश्यकता से अधिक वजन होना
  • बहुत अधिक आरामदेह जीवन बिताने वाले लोग
  • अनियंत्रित खानपान करने वाले
  • डायबिटीज के वंशानुगत शिकायत रहने वाले
  • पूर्व में गर्भकालीन डायबिटीज,हृदय रोग या स्ट्रोक होना
  • पूर्व मधुमेह होना अर्थात रक्त में शुगर की मात्रा कुछ अधिक होना।
टाइप 2 डायबिटीज होने पर जो संभावित लक्षण दिखते है उन्हें पहचान कर आप सही समय मे इसकी चिकित्सकीय जांच करा कर आप इसे नियंत्रित करने हेतु आवश्यक कदम उठा सकते है।

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