Nind nhi aane ki Bimari नींद नहीं आने की बीमारी

एक अच्छी नींद आपको स्वस्थ भी बना सकती है तो वही अच्छी नींद नही लेना आपको कई सारे बीमारी के करीब ले जा सकता है।इस पोस्ट में हम नींद नही आने की बीमारी के बारे में बात करेंगे जो हर किसी का जानना जरूरी है।
Treatment of insomnia in hindi,ayurvedic treatment of insomnia in hindi


               नींद नही आने के कई सारे कारण हो सकते है जिसमे सबसे आम समस्या है तनाव भरी ज़िन्दगी का होना।जी हाँ, यदि आप अपने काम,या निजी जीवन मे बहुत अधिक तनावग्रस्त है तो आपको नींद नही आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा होगा।आखिर एक इंसान को कितने घण्टे की नींद आवश्यक होती है,देखिये

  • नवजात शिशु (0-3 माह) :- 14-17 घण्टे की नींद
  • शिशु (4-11 माह) :- 12-15 घण्टे
  • शिशु (1-2 साल) :- 11-14 घण्टे
  • बच्चा (3-5 साल) :- 10-13 घण्टे
  • स्कूल जाने वाले बच्चे (6-13 साल) :- 9-11 घण्टे
  • किशोर बच्चे (14-17 साल) :- 8-10 घण्टे
  • युवा (18-25 साल) :- 7-9 घण्टे
  • वयस्क (26-64 साल) :- 7-9 घण्टे
  • वृद्ध (64 साल से ऊपर) :- 7-8 घण्टे

यदि आप अपने आयुकाल के अनुसार आवश्यक नींद नही ले पा रहे हैं तो आपको स्वास्थ्यगत समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं।आवश्यकता से अधिक नींद भी कई बार बीमारियों को आमंत्रण देने जैसा ही है।

नींद नही आने पर कौन कौन से बीमारियों का डर होता है :-

  • इनसोम्निया:- इसे अनिद्रा भी कहते हैं।यह सबसे आम और गंभीर बीमारी है।यह व्यक्ति के व्यवहार, खानपान में बदलाव,शहर में बदलाव के कारण हो सकता है।
  • नार्कोप्लेसी:-इसमें रोगी को दिन भर नींद के दौरे पड़ते रहते है।ऐसे रोगी को दिन में 8 से 10 बार सोना पड़ता है।सोने और जागने के बीच रोगी का शरीर पैरालिसिस की तरह व्यवहवार करता है।
  • हाइपरसोमनिया:- इस बीमारी में रोगी को बहुत ज्यादा नींद आता है इसे अतिनिद्रा भी कहते है।यदि आपको काम करते करते नींद आ जाती है या गाड़ी चलाते हुए तो आप हाइपरसोमनिया के शिकार है।
  • REM स्लिप बिहेवियर डिसऑर्डर:- इसमे रोगी नींद में सपना देखते हुए व्यवहार करने लगता है।जैसे:- सोते हुए चिल्लाना, रोना, हँसना, बिस्तर से छलांग मारना, या साथी को हाथ पैर से मारना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
  • स्लिप एप्निया:- इसमे रोगी को नींद में श्वास लेने में परेशानी होती है जिससे रात में कई बार श्वास लेते समय खर्राटे की आवाज आने लगती है।इस दरम्यान मस्तिष्क तक पहुचने वाली ऑक्सीजन भी बाधित होती है।
Also read this :- Do blind people dream ? क्या अंधे भी सपने देखते है ?

नींद नहीं आने की बीमारी से कैसे निजात पाएं

यदि आपको नींद नही आती है तो आप इन कुछ उपायों को आजमा कर देखे निश्चित ही आपको इससे कुछ लाभ मिलेगा और आप बाहर नींद का अनुभव ले पाएंगे

  • मादक द्रव्यों के से सेवन से बचे।इसमे आपको बियर,शराब,सिगरेट, कॉफी इत्यादि का सेवन से परहेज रखना है।
  • प्रतिदिन जिम जाए या घर मे ही एक्सरसाइज करें।इससे शरीर के कई सारे परेशानी का हल हो जाता है जैसे अकड़न, तनाव,मासपेशियों का दर्द आदि।
  • खाने के तत्काल बाद सोने न जाये।खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाना मोटापे जैसी समस्या को बुलाना है
  • कमरे का वातावरण शांत रखने का प्रयास करे।शांत वातावरण शरीर को रिलैक्स करने में सहायक होता है जिससे अच्छी नींद आने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • बिस्तर में सोने के लिए जाने के बाद मोबाइल फोन, लेपटॉप या ऑफिस काम को कम से कम करने का प्रयास करे।इससे हमारा दिमाग वर्किंग मोड में चलता रहता है और यह नींद आने में देरी का कारण बनता है।
  • प्रातःकाल उठ कर प्राणायाम करे। आप भ्रामरी, भस्त्रिका, अनुलोम विलोम, उद्गीथ आदि प्राणायाम कर सकते है।प्राणायाम करने का सबसे अच्छा लाभ यह है कि यह हमारे विचारों को नियंत्रित करने में सहयोगी होता है।
  • सोने से पूर्व अपने हाथ पैर को ठंडे पानी से साफ से धो लें।ऐसा करने से यह हमारे शरीर को विश्राम अवस्था मे लाने में सहायक होती हैं
  • दिन के वक्त सोने से बचें।यह हमारे शरीर के लिए आवश्यक नींद को कम कर देता है जिस कारण हमें रात में देर से नींद आती है।
  • यदि आपको नींद नही आ रही है तो इस बारे में बार बार न सोचें।क्योंकि ज्यादा सोचने से हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बढ़ जाती है और वह सक्रिय रहेगा।तब तक हमे नींद आएगी ही नही।आप अपने मस्तिष्क को रिलैक्स अवस्था मे छोड़े।नींद स्वतः ही आ जाएगी।
  • सोने से पूर्व गहरी और लंबी लंबी साँसे ले।इससे हमारे रक्त को फ्रेश ऑक्सिजन मिलता है और शरीर विश्राम की अवस्था मे चला जाता है।

नींद नही आने की बीमारी का सही समय मे उपचार नही कराया गया तो यह अपने साथ कई सारे बीमारियों को लेकर  आती हैं।बेहतर खानपान, व्यायाम समय का सही सही पालन करके हम नींद नही आने की बीमारी का इलाज कर सकते है।

Post a Comment

नया पेज पुराने