माइग्रेन का दूसरा नाम अधकपारी भी है। ऐसा इसलिये क्योंकि migrain से सिर में होने वाला दर्द सिर के सिर्फ आधे भाग में होता है।सर में होने वाला यह दर्द तीव्र प्रकाश, ध्वनि, या गंध के प्रति संवेदना के कारण उत्पन्न होता है।



Migraine treatment in hindi at home

Ayurvedic treatment of migraine in home

माइग्रेन के सामान्य लक्षण:-

  • आँखों में तेज दर्द
  • आंखों के नीचे काले धब्बे
  • तेज प्रकाश में आंखों के सामने कुछ चमकदार लकीरों का दिखाई देना
  • प्रकाश और ध्वनि के प्रति तीव्र संवेदनशीलता
  • मितली और उल्टी आना
  • सिर के एक भाग में दर्द होना
  • सिर के दर्द का 1-2 घंटे से लेकर 2 या 3 दिन तक बने रहना।
  • व्यवहार में चिड़चिड़ापन आते जाना। 


माइग्रेन के प्रकार:-

  • सामान्य माइग्रेन (बिना ऑरा के) जो लगभग 80% माइग्रेन के शिकायत इसी प्रकार में आते है
  • माइग्रेन (ऑरा सहित) जो कि सामान्य माइग्रेन से गंभीर स्थिति होता है।
  • acephalgic migrain जिसमे सिर दर्द के अलावा माइग्रेन के सारे लक्षण मौजूद रहते है।
  • hemiphelgic migraineशरीर मे स्ट्रोक लगने जैसे एहसास होता है इसके अलावा इसमें शरीर के एक भाग में संवेदनहीनता या झुनझुनी या सुई चुभने जैसे दर्द होते है।
  • retinal migraine में एक आँख की रोशनी कुछ मिनट या दिनों तक चली जाती है।यह एक गम्भीर माइग्रेन समस्या है जिसमे रोगी को अनिवार्य चिकित्सा सेवा की आवश्यकता होती है।
  •  chronic migrain में रोगी के सिर में होने वाला दर्द 1 महीने के 15 दिन तक रहता है जो क्रमशः 3 महीनों तक चलता है।
  • Status migrainosus में रोगी के सर होने वाला दर्द 72 घण्टे तक बिना रुके जारी रहता है।

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माइग्रेन से बचाव के लिए क्या करें:-

 यदि आपको माइग्रेन के लक्षण दिख रहे है तो आप सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलकर आवश्यक चिकित्सकीय जांच कराए और डॉक्टर द्वारा दिये गए मेडिसिन को नियमित सेवन करें।इसके अलावा आप कुछ अन्य सावधानी रख कर माइग्रेन के दर्द से खुद को बचा सकते है।

  • योग हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है।आप प्रतिदिन योग के द्वारा भी सिर में होने वाले दर्द को कुछ कम कर सकते है।
  • प्रतिदिन अपने खाने और सोने के समय को फिक्स करें और इसने बिना वजह आप देरी नही करे।
  • शरीर में पानी की मात्रा में कमी आने नही दीजिये।पानी की कमी माइग्रेन रोगियों के लिए दर्द को बढ़ाने का कारण बन जाता है।
  • बहुत ज्यादा मीठी,खट्टी,मसालेदार खाने पीने की चीज़ो के सेवन से बचे।
  • तेज शोर करने वाले स्थानों में जाने से बचे।
  • तेज धूप में निकलने से पहले सिर को कपड़े से ढंके तथा काले चश्मे का प्रयोग करें।
  • इयरफोन में तेज आवाज़ में गाने चलाकर सुनने से परहेज करें।
  • देर रात तक मोबाइल फ़ोन का उपयोग करते हुए जागना भी माइग्रेन को आमंत्रण देना है।


माइग्रेन होने पर यह आजमाए:-

  • अदरक:- दर्द होने पर आप अदरक के टुकड़े चबाये।यह माइग्रेन से होने वाले चिड़चिड़ाहट में राहत दिलाता है।
  • पानी पीयें:- माइग्रेन से होने वाले दर्द का एक कारण dehydration भी होता है,इसलिए पानी ज्यादा पीना दर्द में राहत दिलाएगा।
  • पेपरमिंट ऑइल:- माइग्रेन के दर्द होने से सर में पेपरमिंट का तेल रगड़े,जिसके ठंडक से दर्द में राहत मिलेगी।
  • मसाज़:- माइग्रेन में दर्द के स्थान पर ठंडक वाला मसाज करना दर्द में कमी लाता है।
  • पट्टी बाँधना:- बहुत ज्यादा दर्द होने पर सिर में एक पट्टी मजबूती से बाँध सकते है ।

माइग्रेन के बारे में जानकर माइग्रेन के लक्षण को पहचान कर आप सही समय मे इसका इलाज करा सकते है।कोशिस करे कि तेज आवाज़, रोशनी, और तीव्र गंध वाली चीजों से दूर रहें। उम्मीद करते है कि हम आपकी कुछ मदद कर पाए है।

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