Bukhar kyu hota hai:-

बुखार क्यों होता है यह सवाल हर किसी के मन मे आता है दरअसल यह हमारे शरीर की एक प्रतिरक्षात्मक क्रिया है जो शरीर में प्रवेश कर गए बैक्टरिया के विरुद्ध किया जाता है।इसी प्रतिक्रिया में शरीर का तापमान बढ़ जाता है जिसे हम बुखार कहते है।
आइये हम विस्तार से जानते है पूरी प्रक्रिया को



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Bukhar बुखार की शुरूआत:- 

सामान्यतः हमारे शरीर का तापमान 98.6 फारेनहाइट होता है।लेकिन बदलते मौसम या अन्य संक्रामक जीवाणुओं के हमारे शरीर मे प्रवेश कर जाने से हमारे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है।इस बिगड़े हुए संतुलन हुए को सामान्य करने के लिए अधिक मात्रा में W.B.Cs का निर्माण होने लगता है।
             इस पूरी प्रक्रिया में हमारे शरीर का तापमान लगातार बढ़ने लगता है जिससे रक्त वाहिकाओं और मांशपेशियों में दबाव बढ़ता है और सांसे तेज चलने लगती है जिससे हमें कपकँपी लगने लगती है।

बुखार में शरीर का तापमान:-

  • सामान्य स्थिति में शरीर का तापमान :- 98.6 डिग्री फारेनहाइट
  • प्रारंभिक स्तर के बुखार होने पर तापमान - 100 - 101 डिग्री फारेनहाइट (वयस्कों हेतु)
  • मध्यम स्तर का बुखार होने पर तापमान - 102-103 डिग्री फारेनहाइट
  • गंभीर स्थिति - 104 डिग्री फारेनहाइट या उससे ऊपर
  • 0-6 वर्ष के लिए यदि तापमान 101- 102 डिग्री फारेनहाइट होने पर तत्काल चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता होती है।

बुखार कौन से संंक्रमण से होते है :-

बुखार संक्रमण के कारण ही होता हैं जैसे सर्दी, जठरांत्र शोथ, कान,फेफड़े,त्वचा,गला,मूत्राशय या गुर्दे में संक्रमण बुखार के कारण हो सकते है।

बुखार आना शरीर के स्वस्थ होने का संकेत:-

जी हाँ, यदि आपको बुखार आये तो ये इस बात का प्रमाण है कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कार्यरत है।
बुखार हमारे शरीर मे हुए संक्रमण के असर को नष्ट करने के लिए शरीर के तापमान में वृद्धि है जो श्वेत रक्त कणिकाओं के ज्यादा बनने से होती है।जो इस बात का संकेत है कि हमारा शरीर रोगों से लड़ने की क्षमता रखता हैं।

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